हेलो दोस्तों आज बात करेंगे एक चर्चित उपन्यास की और यह उपन्यास लिखा है एक महान लेखक पाउलो केहलो ने. दोस्तों इस उपन्यास का नाम है द अलकेमिस्ट.

दोस्तों आप जानते है की इस उपन्यास को सिर्फ २ हफ्तों में लिखा था और यह इतनी लोकप्रिय हुई की इसे हर भाषा में अनुवाद किया गया. तोह शुरू करते द अलकेमिस्ट हिंदी में.


द अलकेमिस्ट हिंदी में  - पाउलो केहलो
द अलकेमिस्ट हिंदी में  - पाउलो केहलो


सेंटिआगो चरवाहा

इस कहानी की शुरुआत होती है सेंटिआगो नाम की एक लड़के से जो के भेड-बकरी चराता है यह एक चरवाहा है अब एक दिन यह अपनी पूरी रात जो है वह अपनी भेड-बकरी को साथ सुमसाम गिरजाघर में गुज़ारता है जो के स्पेन में है.

दरसल सेंटिआगो एक लड़की से मिलने जा रहा होता है जो की स्पेन से थोड़ी दूर एक गांव में रहती है, इस लड़की से सेंटिआगो एक साल पहले मिला था.

अब एक दिन जब वह सोया हुआ होता है तोह रात में उसको एक सपना आता है और यह सपने में मिस्र के पिरामिड को देखता है. अब दोस्तों यह सपना जो है इसे पहली बार नहीं आया इसे पहले भी मिस्र के पिरामिड का सपना कई बार आ चूका है.

अपने इस सपने के बारे मैं सेंटिआगो एक ज्योतिषी को बताता है की मुझे यह सपना बार बार आता है की में मिस्र के पिरामिड के पास गया और वह से मुझे एक खज़ाना मिला. वह ज्योतिषी से पूछता है की इस सपने का क्या अर्थ हो सकता है?

ज्योतिषी ने कहा की इस सपने का अर्थ बताने से पहले तुम्हे मुझे एक तिहाई हिस्सा देना पड़ेगा जो भी तुम्हे खज़ाना मिलेगा, तोह सेंटिआगो ने मान लिया.

वह ज्योतिषी, सेंटिआगो से कहता है की तुम मिस्र जाओ वह से तुम्हे सच में खज़ाना मिलेगा, लेकिन सेंटिआगो को लगा की ऐसा थोड़ी होता है की इतनी आसानी से खज़ाना मिल जायगा और मिस्र भी यहाँ से काफी दूर है तोह सेंटिआगो ने सोचा की अगर में इतनी दूर गया और कुछ मिला नहीं तोह? इस लिए वह मिस्र जाने का विचार को भूल जाता है.

मेल्चिज़डक एक बूढ़ा राजा

अब एक दिन सेंटिआगो किताब पढ़ रहा था तभी वहा पर एक बूढ़ा सा आदमी आता है जिसका नाम होता है मेल्चिज़डक, मेल्चिज़डक यह एक राजा है। तोह यह सेंटिआगो से कहता है की यह जो तुम किताब पढ़ रहे हो वैसे तोह बहुत अच्छी है लेकिन इस किताब में दुनिया का सब से बड़ा झूठ लिखा हुआ है.

फिर यह मेल्चिज़डक, सेंटिआगो से कहता है की अगर तुम मुझे कुछ अपनी बकरिया दे दो तोह में तुम्हे बता सकता हु की तुम्हे वह खज़ाना कैसे मिलेगा.

अब सेंटिआगो सोच में पड गया की इसे कैसे पता की मुझे जो है ख़ज़ाने का सपना आता है? और राजा मेरी बकरिया क्योँ मांग रहा है?

सेंटिआगो को लगा की यह और वह ज्योतिषी दोनों मिले हुए है और ज़रूर उस ज्योतिषी ने इसे भेजा होगा और दोनों मिलकर मुझे लूटना चाहते है.

लेकिन मेल्चिज़डक, सेंटिआगो से कहता है की में लोगो की मदद करने तब आता हु जब वह पूरी तहरा से हार जाते है.

तोह सेंटिआगो ने उसपर भरोसा दिखाया और अपनी ६ बकरिया उस मेल्चिज़डक को दे  दी और २ बकरिया अपने किसी दोस्त को दे दी पैसो के लिए. अब मेल्चिज़डक, सेंटिआगो को बताता है की तुम्हे वह खज़ाना कैसे मिलेगा.

मेल्चिज़डक, सेंटिआगो से कहता है की तुम सिर्फ अपनी दिल की सुन्ना और ईश्वर तुम्हे जहा भी ले जाए वहा जाना और साथी में मेल्चिज़डक, सेंटिआगो को दो पत्थर देता है वह पत्थर का नाम होता है उरिम और थुम्मीम. इन पत्थरो का इश्तेमाल भविष्य देखने में किया जाता है. लेकिन मेल्चिज़डक, सेंटिआगो से कहा की तुम सिर्फ अपने आप पर भरोसा करना और इतना कह कर मेल्चिज़डक चला जाता है.

मोरोको में क्रिस्टल का व्यापारी

अब सेंटिआगो भी ख़ज़ाने की तलाष में अपनी यात्रा शुरू करता है और वह पोहचता है मोरोको। मोरोको की एक बाजार में जाने के बाद वह वह पर सो गया तोह एक चोर ने सेंटिआगो के पास जितने भी पैसे थे सब चुरा लिए.

अब सेंटिआगो के पास कुछ भी नहीं था, तोह सेंटिआगो वह के एक क्रिस्टल व्यापारी से मिलता है और कहता है की मुझे यहाँ कोई नौकरी मिल सकती है? मुझे पैसे नहीं चाहिए बस तुम मुझे कुछ खाने के लिए दे देना.

उस क्रिस्टल के व्यापारी ने उसे नौकरी पर रख लिया और सारा दिन काम करने के बाद उस व्यापारी ने सेंटिआगो को खाना दिया.

अब सेंटिआगो सोचता है की अगर मुझे मिस्र जाना है तोह मुझे कितना सारा काम करना पड़ेगा, लेकिन सेंटिआगो ने अपने आप से कहा की नहीं में काम करूँगा और ज़्यादा कुछ नहीं तोह कम से काम २-३ बकरिया तोह खरीद ही लूंगा.

अब यह जो क्रिस्टल की दूकान थी इस में सेंटिआगो के आने के बाद पता नहीं इस दूकान का व्यापार भड़ने लगा, और सेंटिआगो को लगा की अगर ऐसे ही व्यापार चलता रहा तोह जल्द ही वह अपने लक्ष्य को हासिल कर लेगा, और उस क्रिस्टल के व्यापारी को भी लगता था की इस लड़के के आने के बाद व्यापार भड़ा है.

तोह कुछ वक़्त बाद सेंटिआगो के कठोर परिश्रम के बाद उसने अच्छा खासा पैसा जमा कर लिया था जिससे वह अपनी जो बकरिया है फिर से खरीद सके.

तभी वह दो पत्थर उरिम और थुम्मीम जो उस ज्योतिषी ने सेंटिआगो को दिए थे उस पर नज़र जाती है सेंटिआगो की, उन पत्थरो को देख कर सेंटिआगो यह निश्चय करता है की में बकरिया नहीं खरीदूंगा में खज़ाना ढूंढ़ने के लिए मिस्र जाऊँगा.

अब मिस्र के रेगिस्तान में उसे एक काफिला मिला और उस काफिले में उसकी मुलाक़ात होती है एक इंग्लिशमैन से. अब यह इंग्लिशमैन अलकेमिस्ट को ढूंढ़ने जा रहा है. दोस्तों अलकेमिस्ट उसे कहते है जो किसी भी धातु को छू कर सोने में बदल देते है अपने जादू से.

अब इसी काफिले में सेंटिआगो की मुलाक़ात होती है ऊंट हांकने वाले से भी उससे भी इसकी दोस्ती हो जाती है, वह ऊंट हांकने वाला उसे अपनी कहानी बताता है की वह पहले एक किसान था लेकिन एक बाड़ आयी जिस में उसका सब कुछ चला गया, और वह ऊंट हांकने वाला सेंटिआगो से कहता है की उस बाड़ ने मुझे यह तोह सीखा दिया की लोगो के पास जो कुछ भी है वह उसे खोने से कितना डरते है लेकिन यह डर तोह बेकार है क्योँकि हमारा जीवन का भाग्य उसी ने लिखा है जिसने इस दुनिया को बनाया है तोह जो होने वाला है वह तोह होक ही रहेगा तोह अगर तुम आज में जीतो हो तोह तुम सारी ज़िन्दगी खुश रहोगे.

फातिमा से मुलाक़ात

अब यह काफिला पोहचता है ओएसिस, क्योँकि मिस्र में युद्ध हो रहा था तोह मिस्र नहीं गए और वह ओएसिस में रुक गए. अब सेंटिआगो ने उस इंग्लिशमैन की मदद की उस अलकेमिस्ट को ढूंढ़ने में और इसी दौरान सेंटिआगो की मुलाक़ात होती है फातिमा नाम की एक लड़की से.

फातिमा के प्रेम में सेंटिआगो पड गया और वह वह से जाना नहीं चाहता था लेकिन खज़ाना ढूंढ़ना था तोह आगे तोह भड़ना ही था.

अब इसी बिच सेंटिआगो को एक सपना आता है की ओएसिस पर हमला होने वाला है, तोह सेंटिआगो ने यह बात ओएसिस के मुख्याओ को बताई तोह उन लोगो ने पूरी तहरा से तैयारी कर ली थी.

अब हमला हुआ भी और ओएसिस के लोगो ने खुद को बचा लिया और इसके बदले में उन्होंने सेंटिआगो को कुछ सोना दिया, सेंटिआगो को लगा की यही इसका खज़ाना है जो यह ढूंढ़ने आया था और वह फातिमा के साथ ओएसिस में ही रहना चाहता था.

ख़ज़ाने की तलाश में सेंटिआगो और अलकेमिस्ट

लेकिन उस अलकेमिस्ट ने सेंटिआगो से कहा की असली खज़ाना तोह मिस्र के पिरामिड के निचे है तुम्हे वहा जाना चाहिए, तोह ख़ज़ाने की तलाश में अलकेमिस्ट और सेंटिआगो निकले और रेगिस्तान में उस अलकेमिस्ट ने सेंटिआगो से कहा की तुम हमेशा अपने दिल की सुन्ना.

अब उस रेगिस्तान में इन दोनों को कुछ लोग पकड़ लेते है जासूस समज कर, वह अलकेमिस्ट बोलता है की हमे छोड़ दो तुम जानते नहीं की यह सेंटिआगो कौन है यह बहुत बड़ा जादूगर है यह अपने आप को हवा में बदल सकता है और तूफ़ान ला सकता है, अब यह सुन कर सेंटिआगो हैरान हो गया की यह क्या बोल रहा है में कहा जादूगर हु.

तोह उन लोगो ने सेंटिआगो से कहा की चलो अपने आप को हवा में बदल के दिखाओ, वह लोग ३ दिन तक राह देखते रहे की यह कब अपने आपको हवा में बदलेगा, अलकेमिस्ट, सेंटिआगो से कहता है की अपने आप पर भरोसा रक्खो,  अब बहुत सारे एकाग्रता के बाद सेंटिआगो ने अपने आपको हवा में बदल ही दिया और वह तूफ़ान ले आया.

अब यह तूफ़ान देख कर वह लोग डर के भाग गए, अलकेमिस्ट को लगा की यह भडिया लड़का है और दूसरे दिन यह फिर से ख़ज़ाने की तलाश में निकले और वह एक मठ में पोहचे उस मठ में एक साधु था उस साधु ने इन दोनों का स्वागत किया. अलकेमिस्ट ने अपने कुछ धातु को सोने में बदला और उस साधू को दे दिया क्योँकि उस साधू ने इन दोनों की काफी अच्छी खातिरदारी की होती है और कुछ सोना उसने सेंटिआगो को दे दिया.

और वही पर अलकेमिस्ट, सेंटिआगो से कहता है की अब में तुम्हारे साथ आगे नहीं चल सकता आगे तुम्हे अकेले ही जाना होगा.

अब आगे सेंटिआगो अकेले ही जाता है और अपने दिल की सुनते सुनते वह मिस्र के पिरामिड तक पोहच जाता है, उन पिरामिड को देख कर वह रोने लगता है अपने घुटने के बल. अब जहा पर वह रो रहा था वही पर वह खोदने लगा काफी देर तक वह खोदता रहा लेकिन खज़ाना नहीं मिला.

अब कुछ शरणार्थी उन को देख रहे थे और अचानक ही वह सेंटिआगो को पीटने लगे और जो अलकेमिस्ट ने सोना दिया था इन लोगो ने छीन लिया, और उन शरणार्थी ने सेंटिआगो से पुछा की तुम यहाँ पर खुदाई क्योँ कर रहे हो?

तोह सेंटिआगो ने कहा की में ख़ज़ाने की तलाश में आया हु तोह शरणार्थी का मुख्या हसने लगा और कहा की यह तोह पागल है एक सपने के पीछे यहाँ तक आ गया, मुझे भी एक सपना आया था २ साल पहले की स्पेन के गिरजाघर के पास एक खज़ाना है तोह क्या में वहा चला जाता.

शरणार्थी, सेंटिआगो को छोड़ कर चले जाते है और सेंटिआगो अब वह पर अकेला होता है और अचानक वह हसने लगता है और वहा से वापस वह स्पेन जाता है जहा से यह सारी कहानी शुरू हुई थी.

स्पेन में वह गिरजाघर के पास वह खुदाई करने लगता है ख़ज़ाने के लिए और खुदाई करते करते उसे खज़ाना मिल जाता है, और खज़ाना मिलते ही उसके मुँह से एक ही बात निकलती है की में आ रहा हु फातिमा, और यही पर कहानी ख़तम होती है.

दोस्तों इस कहानी से हमे यह सिखने को मिलता है की जो भी चीज़ आप चाहते हो उसके पीछे लग जाओ चाहे जितनी भी दिक्कत आये कुछ भी हो अपने लक्ष्य के पीछे मेहनत करते रहो आप अवश्य ही अपने लक्ष्य को पा लेंगे.

तोह दोसतो यह थी द अलकेमिस्ट उपन्यास हिंदी में. आशा करता हु आपको पढ़ने में आनंद आया होगा.

दोस्तों आपका कोई भी सुझाव हो आप मुझे कमेंट के ज़रिये बता सकते है.