हेलो दोस्तो काफी दिनों बाद में ब्लॉग लिख रहा हु उसके लिए मुझे माफ़ कर देंना क्योँकि इस कोरोना वायरस ने सब की ज़िंदगी में उथल पुथल मचा दी है और मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था.

खैर अब से वापस जो है में रोज़ अच्छे अच्छे ब्लॉग लेके आता रहूंगा.

दोस्तो आज का ब्लॉग एक जीवनी है और यह जीवनी राजनेता की है, हाल ही में इन्होंने राजनीति मे हंगामा मचा दिया है इनका नाम है सचिन पायलट. तोह दोस्तों पढ़ेगे सचिन पायलट की जीवनी.

सचिन पायलट की जीवनी



दोस्तो राजनेता पर मैंने बहुत सी जीवनी लिखी है आप लोगो से अनुरोध है कि जा के उन्हें पढ़े.


ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस से गये 3-4 महीने ही हुए थे कि अब सचिन पायलट को भी किनारे कर दिया कांग्रेस ने.

डिप्टी चीफ मिनिस्टर थे राजस्थान के प्रदेश अध्य्क्ष थे राजस्थान के दोनों ही पद इनसे छीन लिए गए.

सचिन पायलट और अशोक गहलोत दोनो के बीच अनबन काफी वक्त से थी और हाल फ़िलहाल राजस्थान की कमान अशोल गहलोत के पास है.

सचिन पायलट को राजस्थान का अध्यक्ष तब बनाया गया था जब कांग्रेस का बहुत बुरा हाल था और सचिन पायलट ने बहुत कड़ी मेहनत भी की और उस वजह से ही २०१८ में कांग्रेस राजस्थान से जीती. तोह आज हम जानेगे की क्या हुआ जिस वजह से कांग्रेस ने सचिन पायलट को पार्टी से निकल दिया और साथ ही साथ इनकी जीवनी भी देखंगे.

सचिन पायलट प्रारंभिक जीवन 

सचिन पायलट राजेश पायलट के बेटे है, राजेश पायलट जो थे वह एयर-फाॅर्स में थे और सचिन पायलट का जन्म १९७७ सहरानपुर, उत्तरप्रदेश में हुआ था, सचिन पायलट के पिता की जो पोस्टिंग बदलती रहती थी तोह उस वक़्त वह सहरानपुर में थे तोह जन्म सचिन पायलट का हुआ उत्तरप्रदेश में.

और जब सचिन पायलट सिर्फ २ साल के थे तोह इनके पिताजी राजीनीति में आ गए, और राजनीति में खूब नाम कमाया राजीव गाँधी के साथ काम किया और केंद्रीय मंत्री भी रहे तोह राजेश पायलट बहुत ही चर्चित नाम थे राजनीति में और जब राजेश पायलट का देहांत हो गया तोह इनकी पत्नी रमा पायलट में राजनीति में आ गयी. 

सचिन पायलट की शिक्षा

सचिन पायलट पढ़ाई में काफी अच्छे थे शुरू की पढ़ाई इन्होने बाल भारती स्कूल नई दिल्ली से की और B.A भी इन्होने दिल्ली से ही किया और MBA के लिए यह चले गए अमेरिका MBA इन्होने किया यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेन्सिलवाणीअ, फ़िलेडैल्फ़िया.

फिर इन्होने ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन और जनरल मोटर्स के लिए काम भी किया.

अब इतनी पढ़ाई के बावजूद और अच्छी नौकरी होने के बावजूद भी इन्हे राजनीति में जाना था क्योँकि बचपन से ही इनका यह एक सपना था क्योँकि माता पिता भी राजनीति में तोह ज़ाहिर सी बात है बेटा भी राजनीति में जायगा ही.

इनकी माता जब राजनीति में थी तब सचिन पायलट ने इनके लिए राजनैतिक अभियान चलाया था और तब इन्हे लगा की मुझे अब राजनीति में आ जाना चाहिए.

सचिन पायलट राजनीति में


और मात्रा २६ साल की उम्र में २००४ में इन्होने लोकसभा का चुनाव लड़ा और सचिन पायलट जीत भी गए दौसा चुनाव क्षेत्र से यह जीत के आये, और तब से लेकर अब तक यह एक बार हारे है और ३ बार जीते है.

२००९ दुबारा लोकसभा चुनाव हुए और दुबारा इन्होने हराया और इस बार अजमेर से जीत के आये, अब इन पर आरोप काफी लगते आये है की यह राजस्थान के तोह है नहीं यह तोह बहार से आये है. लेकिन सचिन पायलट का कहना है की मेरे पिताजी भी राजस्थान से जीते है और में भी काफी वक़्त से राजस्थान से ही जीत रहा हु तोह मेरा दिल तोह राजस्थान के लिए ही धड़कता है.

यहाँ पे दिक्कत यह थी की सचिन पायलट को मंत्रालय तोह मिले लेकिन सचिन पायलट की चलती नहीं थी, चलती थी तोह अशोक गेहलोत की.

इसके बाद यह Lok Sabha Standing committee of Home Affairs के अध्यक्ष बने और यह जो तरक़्क़ी है इनको मनमोहन सिंह की सरकार में मिली है और बहुत जल्दी जल्दी मिली है मात्रा २६ साल की उम्र में यह चुन के आये और ३२ साल की उम्र में तोह यह मंत्री भी बन गए.

और Ministry of corporation Affairs इनको यह मंत्रालय दिया गया मनमोहन सिंह की सरकार में.

२०१४ में यह अजमेर से चुनाव लड़े लेकिन हार गए क्योँकि आपको पता ही है की २०१४ में तोह नरेंद्र मोदी ने सबका सफाया कर दिया था.

और २०१४ में ही इनको President of the Rajasthan Pradesh Congress committee का अध्यक्ष बनाया गया और चीज़े यही से बदलना शुरू हो गई, २०१३-१४ कांग्रेस के लिए बहुत ही खराब साल था और जब से अन्ना हज़ारे ने अनशन किया और 2G घोटाला यह सामने आया तब कांग्रेस के लिए दिक्कते शुरू हो गयी.

तोह २०१४ में राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और ४ साल तक इन्होने काफी कड़ी मेहनत की और २०१८ के जो विधान सभा के चुनाव होये तोह टोंक से यह जीत के आये. राजस्थान में १९९ सीट है और बहुमत के लिए आपको १०१ सीटे चाहिए तोह १९९ में से १०० सीटे कांग्रेस को मिली तोह कांग्रेस की सरकार यहाँ आ गयी और मुख्यमंत्री बनाया गया अशोक गेहलोत को.

देखिये हमने अक्सर देखा होगा की राहुल गाँधी जो है हमेशा युवाओ को प्रेरित करते है और कहा जाता है की ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट उनके चहिते है लेकिन सच्चाई देखे तोह आज भी कांग्रेस में पुराने दिगज्जो का ही दबदबा है.
 
और इसी लिए सचिन पायलट को डिप्टी मुख्यमंत्री बनाया गया और अशोक गेहलोत को मुख्यमंत्री और दिसंबर २०१८ में ही मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार आयी.

और यही से सचिन पायलट और अशोक गेहलोत के बीच में मनमुटाव और ज़्यादा बढ़ गए, देखिये अशोक गेहलोत पुराने खिलाडी है राजनीति इनके रग रग में है और जो मुख्य विभाग थे वह अशोक गेहलोत के पास थे जैसे वित्त और गृह मंत्रालय तोह यह जो चीज़े थी वह सचिन पायलट को खटकने लगी.

और २०१९ मार्च में अशोक गेहलोत के बेटे वैभव गहलोत ने जोधपुर से चुनाव लड़ा तोह अशोक गेहलोत ने पूरी ताकत झोक दी अपने बेटे को जीताने के लिए यह भी सचिन पायलट को अच्छा नहीं लगा  

और सचिन पायलट के खिलाफ पत्र लिखवाया गया और इसके बाद तोह सचिन पायलट कहा रुकने वाले थे जब इतना आपके साथ अन्याय हो रहा हो तोह कभी न कभी तोह वह आपके खिलाफ खड़ा होगा ही और यही हुआ.

अशोक गेहलोत के पास यहाँ पर ताकत बहुत है क्योँकि विधायक उनके पास है, और इसके बाद जो है कांग्रेस ने सचिन पायलट को अपने पदो से हटा दिया गया.

देखिये सचिन पायलट वास्तव में चाहते थे की २०२२ में राजस्थान के चुनाव हो नाकि २०२३ में और सचिन पायलट को मुख्यमंत्री के लिए नामांकन किया जाए, लेकिन इस पर सहमति नहीं मिली दूसरा सचिन पायलट चाहते थे की मंत्रियो को समायोजित किया जाए उस पर सहमति नहीं हुई, और अविनाश पांडे जो के कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष है और अशोक गेहलोत के काफी करीब है इनको जो है हटाया जाए और इस पर भी सहमति नहीं बनी. तोह यह सारी बाते नहीं मानी गयी इस वजह से सचिन पायलट ने कांग्रेस खिलाफ बोलना शुरू कर दिया.

राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी ने सचिन पायलट को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने और फिर सचिन पायलट ने ट्वीट किया की सच को परेशान किया जा सकता है लेकिन हराया नहीं जा सकता. अब आगे क्या होता है वह पता नहीं.

सचिन पायलट की पत्नी


सचिन पायलट की पत्नी
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दोस्तों यह है सचिन पायलट की पत्नी सारा पायलट और इनका इनकी शादी से से पहले नाम था सारा अब्दुल्लाह यह फ़ारूक़ अब्दुल्लाह की बेटी है, उमर अब्दुल्लाह की बहन और इन दोनों का प्रेम विवाह हुआ था.

राजेश पायलट और फ़ारूक़ अब्दुल्लाह अच्छे दोस्त थे तोह एक दूसरे के घर आना जाना लगा रहता था तोह दोनों के बिच प्यार हो गया और दोनों  ने शादी करने की ठान ली  लेकिन दोनों के परिवार वाले इस शादी के खिलाफ थे लेकिन अब सब सही है.

तोह दोस्तों यह था सचिन पायलट की जीवनी, आशा करता हु आपको अच्छा लगा होगा आप अपने सुझाव मुझे कमेंट के ज़रिये बता सकते है.