आज हम कुतुबुद्दीन मुबारक शाह मुबारक खिलजी की बात करेंगे। और हमारी जो इस्लमिक सासको की श्रृंखला को आगे बढ़ायेंगे। इस्लमिक सासको की श्रृंखला पर पहले से ही १० लेख मैंने लिखे है आप उन्हें जाके पढ़ सकते है निचे लिंक है.

इस्लामिक शासक जीवनी

मुबारक खिलजी जीवनी - Biography of Mubarak Khilji in Hindi


तोह दोस्तों मुबारक खिलजी की बात करे तोह यह था खिलजी वंश का आखरी शासक और अलाउद्दीन खिलजी का बेटा था। कहा जाता है की यह बहुत ही मोजिला शासक था अलाउद्दीन खिलजी ने जो इतनी मुश्किल से साम्रज्य खड़ा किया था उस पर पानी फेर दिया। तोह सबकुछ इनके बारे में पढेंगे और जानेगे की कैसे खिलजी वंश का अंत हुआ, तोह शुरू करते है मुबारक खिलजी जीवनी।

दोस्तों शुरू करने से पहले में आपको बता दू की यह खिजली वंश की श्रृंख्ला है इससे पहले मैंने गुलाम वंश की श्रृंखला ख़तम कर दी आप इन्हे भी जाके पढ़े तोह आपको अच्छे से  मध्ययुगीन इतिहास के बारे में पता चल जायगा।

खिजली वंश की श्रृंख्ला

गुलाम वंश की श्रृंखला

तोह जैसे पिछले लेख में हमने पढ़ा की अलाउद्दीन खिलजी का खून कर दिया जाता है तोह अब दिक्कत यही थी की अगला राजा किसे बनाये तोह यहाँ पर राजदरबारियों ने फिर से एहम भूमिका निभायी।

अलाउद्दीन खिलजी जीवनी

गद्दी को लेकर साजिश

अलाउद्दीन खिलजी के बाद पूरी ताकत मलिक काफूर के पास आ गयी थी तोह मलिक काफूर ने क्या किया था की उसने अलाउद्दीन खिलजी के सब से छोटे बेटे शिहाबुद्दीन को गद्दी पर बिठा दिया था और शिहाबुद्दीन उस वक़्त सिर्फ ६ साल का था.

मलिक काफूर, शिहाबुद्दीन का राज-प्रतिनिधि बन गया लेकिन राजदरबारियों के दिमाग में कुछ और ही था और उन्होंने साजिश कर के मलिक काफूर को ही मार दिया और अलाउद्दीन खिलजी का बडा बेटा कुतुबुद्दीन मुबारक शाह उसको राजा बनाया।

अब यहा पर सवाल यह आता है की शिहाबुद्दीन का क्या हुआ? तोह जब शिहाबुद्दीन गद्दी पर था तोह मुबारक खिलजी को उसकी रक्षा करनेवाला बनाया था और यह जो सलाह दी थी यह राजदरबारियों ने ही मुबारक खिलजी को दी थी और कहा था की क्योँकि एक दम से हम गद्दी को छीन नहीं सकते तोह अभी तुम उसकी रक्षा करनेवाला बन जाओ.

मुबारक खिलजी ने पहले तोह सोचा की अगर में इसकी रक्षा करनेवाला बन गया तोह मेरी जान को भी खतरा हो जायगा क्योँकि बहुत सारे लोगो की नज़र गद्दी पर थी लेकिन राजदरबारियों ने काफी उस पर जोर दिया और आखिरकार मुबारक खिलजी उसकी रक्षा करनेवाला बन गया.

कुछ वक़्त बाद मुबारक खिलजी ने शिहाबुद्दीन को अंधा करवा दिया और फिर मरवा दिया और इसके बाद जिस जिस ने भी मुबारक खिलजी का विद्रोह किया उसको भी मरवा दिया और जिन राजदरबारियों ने उसकी मदद की थी राजा बन्ने में उनको भी मरवा दिया।

सुल्तान कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी

तोह मुबारक खिलजी सुल्तान बना १४ अप्रैल १३१६ में. अब अलाउद्दीन खिलजी ने जो जो भी कानून बनाये थे वह धीरे धीरे मुबारक खिलजी ने वापस खींच लिए, जैसे जितने भी ज़मीने थी लोगो के पास वोह राज्य की थी लोगो की नहीं थी लेकिन मुबारक खिलजी ने सबको सबकी जमीने दे दी, फिर अलाउद्दीन खिलजी ने शराब पर रोक लगा रक्खी थी तोह उसको भी काफी हद तक वापस ले लिया मुबारक खिलजी ने और शराब जो ही बिकने लगी.

फिर मुबारक खिलजी ने कर को घटा दिया और जो सैनिक थी उनकी तनख्वाह ६ गुना ज़्यादा बढा दी, फिर जो भी इस्लामिक शिक्षक थे उनको काफी पैसे देने लगा तोह इन सब से क्या हुआ की अर्थव्यवस्था निचे चली गयी क्योँकि कोई भी नीति नहीं थी तोह अलाउद्दीन खिलजी ने मुश्किल से जो भी नीतिया बनायी थी और जो साम्रज्य बनाया था उसका कबाडा कर दिया।

मुबारक खिलजी का राज ४ साल चला १३१६ से लेकर १३२० तक यह ४ साल काला दौर था खिलजी वंश का. कोई भी कानून का आदेश नही था जिसको जो करना था वह कर सकता था पूरी छूठ थी.

अलाउद्दीन खिलजी ने अपने दौर में कुछ बाजार सुधार लाये थे जिन में से एक था की अगर कोई भी घपला करते हुए पकडा गया तोह जितने का घपला होता था उतना ही मांस उसके शरीर में से निकाल दिया जाता था तोह यह भी जो कानून था वह भी मुबारक खिलजी ने वापस ले लिया।

अय्यास सुल्तान

अब मुबारक खिलजी के बारे में कहा जाता है की यह काफी अय्यास था काफी सारे लडकियोँ के साथ इसके संबंध थे, कहा जाता है की ख़िज़्र खान जो की अलाउद्दीन खिलजी का ही बेटा था तोह उसको मरवा के ख़िज़्र खान की पत्नी के साथ शादी कर ली.

कहा यह भी जाता है की जो वैश्याए थी उनको बुलाकर वह राजदरबारियों पर शौंच करवाता था. और मुबारक खिलजी के दौर में असवैधानिक चीजो को काफी बढावा मिला जैसे जो चीज सुल्तान करेगा वही चीज उसकी प्रजा करेगी तोह जब सुल्तान ऐसी सब चीजो में मशगूल है तोह लोग भी यह सारी चीजे करने लगे.

मुबारक खिलजी ने दो राज्य जीते थे एक तोह गुजरात और दूसरा देवगिरि, देवगिरि को तोह अलाउद्दीन खिलजी ने जीत ही लिया था लेकिन देवगिरि ने कहा था की हम आपको सालो साल पैसे देते रहेंगे लेकिन राज जो है हमारा रहने दिज्ये, लेकिन बार बार जो है वह पैसे बंद कर देते थे, अब जब अलाउद्दीन खिलजी की मौत हुई तोह देवगिरि के राजा रामचंद्र के दामाद हरपाल देव उन्होंने क्या किया उन्होंने पूरी तरीके से पैसे देने बंद कर दिए तोह मुबारक खिलजी ने अपनी सेना भेजी लेकिन युद्ध से पहले ही हरपाल देव ने आत्मसमर्पण कर दिया और भाग गया लेकिन उसको पकड लिया गया और मार दिया गया.

मुबारक खिलजी की मौत

खुशरो खान, मुबारक खिलजी की सेना का सेनापति था और मुबारक खिलजी को इस पर काफी भरोसा था, लेकिन खुशरो खान के दिमाग में कुछ और ही था वह मुबारक खिलजी को गद्दी से हटाने में लगा था ताकि वह राजा बन सके, तोह खुशरो खान ने पूरी साजिश रची और साजिश के तहत मुबारक खिलजी को मार दिया।

तोह १३२० में मुबारक खिलजी को मार दिया गया और इसी के साथ खिलजी वंश का भी अंत हुआ, और खुशरो खान ने अपने आप को सुल्तान घोषित कर दिया लेकिन इसके बाद घियासुद्दीन तुगलक ने विद्रोह किया और फिर शुरू होता है तुगलक वंश. तोह तुगलक वंश कैसे सत्ता में आया कौन कौन शासक आये यह सब हम अब अगले लेख में पढ़ेंगे।

आशा करता हु की आपको यह मुबारक खिलजी की जीवनी पढ़ने में आनंद आया होगा, तोह अपने दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर करे और मेरी वेबसाइट को सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि में जो भी लेख दालु उसकी सुचना आपको मिल जाए.

धन्यवाद।