हेलो दोस्तों आज से योद्धाओ की जीवनी की श्रृंखला शुरू हो रही है, और भारत पर जिस जिस ने आक्रमण किया है उनकी जीवनी हम देखंगे उनका इतिहास देखंगे, मध्यकालीन इतिहास देखंगे,  जितने भी शाशक आये उन सबकी जीवनी में लाऊंगा, दोस्तों भारत में बहुत सारे इस्लामिक साशक आये और उन्होंने भारत पर काफी समय तक शाशन भी किया तोह शुरू करेंगे हम Mahmud of Ghazni से, देखंगे महमूद गज़नवी जीवनी - Biography of Mahmud of Ghazni in Hindi

महमूद गज़नवी जीवनी - Biography of Mahmud of Ghazni in Hindi | Hinglish Posts


Ghaznavid  ९७५ से लेकर ११८७ तक बहुत महत्वपूर्ण साम्राज्य था, मध्य एशिया में 8 वीं शताब्दी में इस्लाम आ गया था, एक ऐसा युद्ध हुआ था उस युद्ध का नाम था तलाश युद्ध, तलाश युद्ध हुआ था 757 AD में, अब आते है खलीफाई और China Pact Tang साम्राज्य के बिच में जिस ने सब कुछ बदल कर रख दिया, यहाँ से इस्लाम का प्रवेश होना शुरू हो गया और खलीफाई ने काबू करना शुरू किया और Ottoman साम्राज्य तो यूरोप तक पोहच गए थे.

४ खलीफाई आयी थी नबी मुहम्मद (सल्लहु अलैहि वसल्लम) यहाँ पर इनके उत्तराधिकारियों को खलीफा बोला गया, तोह ४ खलीफा आये थे सब से पहले राशिदून यह ६३२ से लेकर ६६१ तक रही, फिर उम्मायत यह ६६१ से लेकर ७५० तक, फिर आये जिन्होंने तलाश का युद्ध भी लड़ा यह रहा ७५० से लेकर १२५८ तक और इसके बाद Ottomon साम्राज्य, तोह यह ४ खलीफाई आयी थी.

अब इन सब मैं Ghaznavid साम्राज्य की क्या भूमिका है? मध्य एशिया की बात करे तोह इस मैं आता है Afghanistan, Iran, Uzbekistan, China तोह यह पूरा मध्य एशिया है, Ghaznavid साम्राज्य की शुरुआत की थी Sebüktigin ने. अब Sebüktigin जो था वह ग़ुलाम था. दो सैन्य परिवार थे, एक था समानीद परिवार यह सुन्नी थे, और दूसरा सिमजूरिड्स हालांकि सिमजूरिड्स समानीद के अंदर ही आते थे तोह यही से ही Sebüktigin निकला था और इसने इस साम्राज्य से आज़ादी ले ली थी लड़ के, और इसके बाद इसने एक नया सम्राज्य बनाया Ghaznavid साम्राज्य. Sebüktigin के बेटा था Mahmud of Ghazni

Mahmud of Ghazni Early Life 

Mahmud of Ghazni का जन्म हुआ था २ नवमंबर ९७१ ज़ेबुलिस्तान में जो के आज अफ़ग़ानिस्तान के नाम से जाना जाता है, Sebüktigin इनके पिताजी का नाम था, और इनकी माता बहुत ही बड़े रईस परिवार से आती थी.

Sebüktigin की मौत ९९७ में हो गयी थी और Sebüktigin ने अपनी गद्दी अपने बड़े बेटे को दे दी थी, लेकिन Mahmud of Ghazni ने युद्ध कर दिया और गद्दी ले ली. घज़नी युद्ध हुआ था जिस में इसने अपने भाई को हरा दिया था.

Become Sultan

Mahmud of Ghazni कमाल का कमांडर और नेता था, सब से पहले इसने अफ़ग़ानिस्तान का जो क्षेत्र था उसे जितना शुरू किया,  और इसके बाद यह भारत की तरफ आ गया अब भारत क्योँ आया था इसके ४ कारण बताये जाते है.


  • १ - यह भारत में इस्लाम को फैलाना चाहता था, उस वक़्त भारत में सारे हिन्दू साशक थे.
  • २ - भारत सोने के चिड़िया है, भारत के उस वक़्त के जो राजा थे बहुत अमीर थे सिर्फ राजा ही नहीं हर कोई अमीर था इसी लिए इतने सारे मंदिर थे उस वक़्त, और अमीर होने की वजह यह थी की यहाँ पर नदिया बहती है और उस वक़्त कृषि बहुत अच्छी थी भारत उस वक़्त एक खुशाल देश था.
  • ३ - विस्तार, भारत के उत्तर में कब्ज़ा करो और फिर इसे विस्तार करो, यह इसकी सोच थी.
  • ४ - अपने अहंकार को संतुष्ट करना चाहता था, क्योँकि सुल्तान था और यह चाहता था की इसका वर्चस्व हर जगह हो.

तोह यह ४ कारण इतिहासकार बताते है भारत को चुनने के लिए.

उस वक़्त भारत बटा हुआ था, उत्तर मैं अलग साम्रज्य था, और सब से पहला आक्रमण यही पर Mahmud of Ghazni ने किया था और यह पंजाब क्षेत्र था यहाँ पर हिन्दू साम्रज्य था पूरा राजा जयपाल शासक थे. बंगाल में पाला शासन कर रहे थे, कन्नौज में गुर्जर प्रतिहस शासन कर रहे थे, दक्षिण में चोला साशन कर रहे थे. और इन सब में कोई एकता नहीं थी सब बटे हुए थे.

दूसरी बात यह थी की भारत की जितने भी शाशक थे उस वक़्त वह बहुत घमंड मैं थे, उनको ऐसा लगने लगा था की उन्हें कोई हरा नहीं सकता, इस लिए उन्होंने अपनी सेना पर ध्यान ही नहीं दिया, भारत के किसी राजा ने ढंग की सेना ही नहीं बनायी वह सिर्फ मंदिर बनाते जा रहे थे.

भारत के राजा सिर्फ हाथियो पर भरोसा कर रहे थे की कभी भी युद्ध हुआ तोह हाथी को भेज देंगे, और इसी चक्कर मैं Mahmud of Ghazni ने आक्रमण कर दिया था.

देखिए युद्ध में हाथी बहुत काम आता है लेकिन यही हाथी हार की वजह भी कभी बन जाता है अगर इससे काबू न किया जाए.

तोह Mahmud of Ghazni ने सब से पहले उत्तर पश्चिम पर आक्रमण करना शुरू किया, और राजा जयपाल को हरा दिया, पेशावर का युद्ध हुआ था और राजा जयपाल हार गए थे, फिर राजा जयपाल को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन बाद में छोर भी दिया था और इसके बाद राजा जयपाल ने आत्महत्या कर ली थी. इस जीत से Mahmud of Ghazni को ढाई लाख दीनार मिले थे.

इसके बाद  Mahmud of Ghazni ने सिस्तान यह अफ़ग़ानिस्तान का क्षेत्र है यहाँ पर इसने आक्रमण किया और यहाँ पर इसने सफ्फारिद साम्रज्य को हरा दिया, तोह Mahmud of Ghazni भारत मैं अपना विस्तार करता जा रहा था.

Raids on Indian Subcontinent

अब Mahmud of Ghazni ने Bhatia जिसे भेरा भी कहा जाता है यहाँ पर आक्रमण कर दिया, और यहाँ के जो साशक थे विजयराइ उन्होंने भी आत्महत्या कर ली. इसके बाद Mahmud of Ghazni ने एक एक शाशक को चुन चुन कर मारा.

Mahmud of Ghazni के जो युद्ध थे वह बहुत ही क्रूर थे सिर्फ दो दिन में युद्ध ख़तम हो जाता था और हर कोई मारा जाता था, मध्य एशिया मैं एक संघर्ष चल रहा था जिससे Mahmud of Ghazni बहुत कुछ सिख रहा था.

Mahmud of Ghazni मुल्तान चला गया यहाँ पर भी आक्रमण कर दिया, आनंदपाल यह जयपाल के बेटे थे इन्होने क्या किया के इन्होने सब को इकठ्ठा कर लिया, क्योँकि आनंदपाल को पता था की अकेले Mahmud of Ghazni से लड़ा नहीं जा सकता तोह सारे राजपूत राज्य को इकठ्ठा कर लिया, और इस में बहुत सारे शाशक थे, उज्जैन के शाशक थे, ग्वालियर के शाशक थे बहुत बड़े बड़े शाशक थे.

आनंदपाल ने सब कुछ ठीक किया था लेकिन फिर भी हार गए, क्योँ हारे हाथी की वजह से. आनंदपाल का जो हाथी था वह पीछे जाने लगा अफवाह फेल गयी की यहाँ के राजा युद्ध से पीछे हठ रहे है और इस वजह से Mahmud of Ghazni की जीत हुई थी. और यह बहुत बड़ी जीत थी.

यह सब आक्रमण करने के बाद यह अफ़ग़ानिस्तान चला गया और अच्छा ख़ासा रुपया लेकर वह गया था. लेकिन १०१४ में फिर आया और हरयाणा पर आक्रमण कर के उससे भी जीत लिया, यह सब जो है ना उस वक़्त उत्तर पश्चिम थे, पंजाब, पाकिस्तान, हरयाणा यह सब  उत्तर पश्चिम कहे जाते थे.

१०१८ में मथुरा पर आक्रमण किया, मथुरा में उस वक़्त बहुत सारे मंदिर थे १००० मंदिर थे, बहुत्तो को उसने तुड़वा दिए, सोमनाथ पर भी आक्रमण  कर दिया १०२५ में.

लेकिन १०२५ में संघर्ष शुरू हो गया क्योँकि मध्य एशिया में दूसरी भी बहुत जनजाति है तोह इस वजह से १०३० में लडते लड़ते Mahmud of Ghazni की मौत हो गयी.

Mahmud of Ghazni as Person

देखिये Mahmud of Ghazni को लेकर बहुतो के दिल मैं नफरत होगी कयुँकि इसने बहुतो को मारा सबको मार डालता था, लेकिन इतिहासकारो का कहना है की Mahmud of Ghazni ने वही किया जो उसको करना था वह एक कमांडर था उसको विस्तार करना था.

उसका Ghaznavid शासन बहुत अच्छा था, कहा जाता है की Mahmud of Ghazni बहुत ही इन्साफ परस्त इंसान था, और Mahmud of Ghazni को साहसी सैनिक भी कहा जाता था, और यह बात कही न कही सच भी लगती है क्योँकि अभी हमने जैसे देखा की भारत मैं इसने बहुत सारे राजाओ को हराया.

Mahmud of Ghazni की सेना में बहुत सारे प्रांतो के बहुत लोग थे, जैसे अरब, तुर्किश, और हिन्दू भी थे, तोह Mahmud of Ghazni एक शिक्षित इंसान था.

तोह हम इसे सनकी साशक नहीं कह सकते, बहुत सामरिक इंसान था अवसरवादी था, भारत की कमज़ोरी का फायदा उठाया, भारत कमज़ोरी थी की भारत मैं एकता नहीं थी.

Mahmud of Ghazni तोह मर गया लेकिन इसका प्रभाव बहुत लम्बे वक़्त तक रहा, कैसे रहा? इसकी ७ कारण मैं आपको बताता हु.

  • १ - पंजाब इसका एक हिस्सा हो गया, Mahmud of Ghazni ने वह के शासक को कह दिया था की मेरी जगह तुम साशन करो, तोह पंजाब पूरा उसके कब्ज़े में ही था.

  • २ - १००० सालो तक भारत पर आक्रमण नहीं हुआ था, लेकिन इस आक्रमण के बाद पता चल गया की राजपूतो को हराया जा सकता है.

  • ३ - इस आक्रमण से इस्लामिक साशको का पता चल गया की हम भारत पर साशन कर सकते है.

  • ४ - बहुत सारा रुपया ले लेकर चले गए, तोह लोगो को पता चल गया की भारत सोने के चिड़िया है.

  • ५ - इस्लाम धर्म को फैलाया, इस्लाम का भडावा हुआ.

  • ६ - बार बार आक्रमण की वजह से भारत की राजनीति कमज़ोर हो गयी थी, क्योँकि जैसे कोई नयी सरकार बनती वैसे ही आक्रमण हो जाता था.

  • ७ - जब भी युद्ध होता था तब भारत सब से ज़्यादा सैनिक को खो देता था.


तोह यह प्रभाव थे और यही से भारत मैं इस्लामिक साशक का दौर चला, और यह दौर आगे कैसे आगे बढ़ा यह हम Muhammad Ghori की biography में जानेगे.

तोह दोस्तों यह थी महमूद गज़नवी जीवनी - Biography of Mahmud of Ghazni in Hindi. आशा करता हु आपको पसंद आयी होगी।